abslm 11-01-2018
आयकर विभाग ने बेनामी संपत्ति के लेन-देन पर रोक कानून के अंतर्गत कार्रवाई
तेज की : 900 से अधिक मामलों
में 3500 करोड़ रुपये से अधिक की
बेनामी संपत्ति जब्त
आयकर विभाग द्वारा तेज किये गये प्रयासों के कारण बेनामी संपत्ति के लेन-देन
पर रोक कानून (बेनामी कानून) के शामिल हैं। कुर्क की गई संपत्तियों का मूल्य 3500 करोड़ रुपये से अधिक है। इसमें 2900 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां शामिल हैं। पांच मामलों में बेनामी संपत्तियों की तत्काल
जब्त की गई राशि 150 करोड़ रुपये से
अधिक है, जिसकी पुष्टि निर्णायक
प्राधिकार ने की है। ऐसे एक मामले में यह साबित हुआ कि एक रियल एस्टेट कंपनी ने
करीब 50 एकड़ भूमि का अधिग्रहण
किया, जिसका मूल्य 110 करोड़ रुपये से अधिक था। इसके लिए ऐसे लोगों
के नाम का बेनामीदारों के रूप में इस्तेमाल किया गया, जिनके पास आय का कोई जरिया नहीं था, इसकी पुष्टि जमीन बेचने वालों के साथ-साथ इसमें शामिल
दलालों ने की। एक अन्य मामले में विमुद्रीकरण के बाद दो आकलनकर्ताओं को अपने
नियोक्ताओं, एसोसिएटों आदि के
नामों से अनेक बैंक खातों में विमुद्रीकृत मुद्रा जमा करते हुए पाया गया, जो अंतत: उनके बैंक खातों में भेजी जानी थी।
लाभान्वित होने वाले व्यक्तियों के पास भेजी जाने वाली कुल राशि करीब 39 करोड़ रुपये थी। एक अन्य मामले में, एक ऐसे व्यक्ति के वाहन से 1.11 करोड़ रुपये की नकद राशि पकड़ी गई, जिसने इस नकदी का मालिक होने से इनकार कर दिया।
साथ ही इस नकदी के स्वामित्व के दावेदारी किसी ने नहीं की और निर्णायक प्राधिकार
द्वारा इसे बेनामी संपत्ति घोषित कर दिया गया।
इससे पहले, आयकर विभाग ने
बेनामी कानून के अंतर्गत कार्रवाइयां तेज की थीं। इस कानून में संपत्ति को तत्काल
जब्त करने और इसके बाद बेनामी संपत्तियों की कुर्की का प्रावधान है, चाहे यह चल संपत्ति हो अथवा अचल। इसमें
लाभान्वित होने वाले व्यक्ति, बेनामीदार और
बेनामी कारोबारों में साझेदार बनने वालों के लिए सजा का भी प्रावधान है, जिसकी परिणिति सात वर्ष के कठोर कारावास और
संपत्ति के बाजार मूल्य का 25 प्रतिशत तक
जुर्माने के रूप में हो सकती है। विभाग ने मई,
2017 में देश भर में अपने
जांच निदेशालयों के अंतर्गत 24 समर्पित बेनामी
निषेध इकाइयों (बीपीयू) की स्थापना की, ताकि बेनामी संपत्तियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई की जा सके। विभाग काले धन के खिलाफ संयुक्त अभियान जारी
रखने के लिए प्रतिबद्ध है और बेनामी लेन-देन के खिलाफ कार्रवाई में तेजी जारी
रहेगी।
अंतर्गत 900 से अधिक मामलों
में तत्कालिक कुर्की की गई है। बेनामी कानून 01 नवम्बर, 2016 को लागू किया गया था। कुर्क की गई संपत्ति में जमीन, फ्लैट, दुकानें, आभूषण, वाहन, बैंक खातों में जमा राशि,
सावधि जमा आदि

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