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खेलों के शोक ने बनाया वेट लिफ्टर रेखा देवी महिलाओं और समाज के लिए बनी रोल मॉडल। यूएसए के लिए किया क्वालीफाई

abslm 22/3/2021 Skmittal सफीदों :


सफीदों के गांव डिडवाड़ा की महिला रेखा देवी केवल महिलाओं के लिए ही नहीं अपितू संपूर्ण समाज के लिए रोल मॉडल बन चुकी है। एक गृहणी एवं साधारण महिला रेखा देवी आज वेट लिफ्टिंग में पुरे भारत में अपनी पहचान बना चुकी हैं। रेखा देवी ने कई गोल्ड मेडल जीतने के साथ ही यूएसए के लिए भी क्ववालीफाई कर लिया है। उसकी इस उपलिब्ध पर गांव डिडवाड़ा ही नहीं बल्कि संपूर्ण क्षेत्र में खुशी की लहर है और उसके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। महिला रेखा देवी ने हाल ही में जम्मू-काश्मीर में आईपीएफ फेडरेशन द्वारा आयोजित नैशनल वेट लिफ्टिंग चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल हासिल किया है। इस प्रतियोगिता में 41 वर्षीय रेखा देवी ने 107 किलोग्राम की डेड लिफ्ट, 75 किलोग्राम की स्क्वाड और 50 किलोग्राम की बैंच फे्रश लगाकर गोल्ड मेडल प्राप्त किया। अपनी उपलब्धि का रेखा देवी ने सारा श्रेय अपने कोच, पति राजेश कुमार व बेटे अनिल को दिया है। गोल्ड मेडलिस्ट रेखा देवी के पति राजेश कुमार ने इस संवाददाता से बातचीत में बताया कि उनकी पत्नी साधारण गृहणी थी और आज वह वेट लिफ्टिंग चैम्पीयन बन चुकी है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे अनिल ने महिलाओं के लिए गांव डिडवाड़ा स्थित घर पर छोटी से जिम खोली थी। इस जिम में गांव की करीब एक दर्जन महिलाएं आने लगी थी तथा मेरी पत्नी रेखा देवी ने भी यहां पर भाग लिया। रेखा इस जिम में काफी अच्छा करने लगी थी और यहां पर आ रहे ट्रेनर ने कहा कि वह बहुत कुछ करने की क्षमता रखती हैं। उसके बाद लॉकडाऊन लग गया और वह जिम बंद हो गया। लॉकडाऊन के दौरान रेखा ने मुझसे कहा कि वह वेट लिफ्टिंग में जाकर खेलों में आगे बढऩा चाहती है। लॉकडाऊन के बाद उसने रेखा को सफीदों के जिम दाखिल दिलवाया। वहां पर जिम संचालक द्वारा करवाई गई प्रक्टिस के दौरान सामने आया कि रेखा एक बड़ी वेट लिफ्टर बनने की योग्यता रखती है। पुराने-पुराने वेट लिफ्टर भी ऐसा नहीं कर पाते जो रेखा ने कुछ ही महीनों में कर दिखाया। उसके बाद उन्हे पता लगा कि पानीपत, करनाल व दिल्ली में वेट लिफ्टिंग की प्रतियोगिताएं होने वाली है। उन्होंने तीनों स्थानों पर रेखा का फार्म भरवाया। पहली बार रेखा ने पानीपत प्रतियोगिता में 50 किलोग्राम वजन में बैंच फै्रस उठाकर गोल्ड मेडल हासिल किया। उसके बार करनाल में नेशनल प्रतियोगिता में 50 किलोग्राम में फिर से गोल्ड मेडल प्राप्त किया। करनाल में आयोजक संस्था ने रेखा को स्ट्राग महिला अवार्ड से भी नवाजा गया। उसके बाद दिल्ली में हुई प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल हासिल करके यूएसए के लिए उसका चयन हुआ है। यूएसए में यह प्रतियोगिता आगामी सितंबर माह में होगी। अब हाल ही में जम्मू काश्मीर में हुई प्रतियोगिता मेें 107 किलोग्राम की डेड लिफ्ट व 75 किलोग्राम की स्क्वायड लगाकर एक रिकार्ड कायम करते हुए गोल्ड जीता है।

राजेश कुमार का कहना है कि रेखा का यूएसए के लिए चयन तो हो गया है लेकिन वे आर्थिक रूप से इतने सुदृढ़ नहीं है कि वे अपनी पत्नी को खेलने के लिए वहां भेज पाए। वहां जाने के लिए कई लाखों रूपयों का खर्च बताया गया है। वे अपनी अधिकतर प्रापर्टी व जमा पूंजी अपने बच्चों की पढ़ाई व पत्नी रेखा की ट्रेनिंग पर खर्च कर चुके है और अब वे छोटा-मोटा काम करके किसी तरह से अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल व खेल मंत्रालय से रेखा को खेलों में आगे बढ़ाने के लिए मदद की गुहार लगाई है।

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