abslm 18/03/2021
पिछले कुछ समय मे कोरोना से राहत मिलने के बाद फिर से कोरोना एक्टिव होने पर अस्पताल प्रशासन भी सजग हो गया है। इस पर अस्पताल प्रशासन ने टैस्टिंग की संख्या बढ़ा दी है। और अस्पताल के सेनेटाईजेशन का कार्य जारी है। कोरोना नोडल अधिकारी डा. विकास गुप्ता ने बताया कि कारोना एक्टिव पाए जाने पर लोगों को उनके घरों पर ही क्वारंटाईन किया जा रहा है। अस्पताल की कोविड टीम मरीजों को उनके घरों पर जाकर लगातार चेक कर रही है और वहीं पर उन्हे दवाईयां वगैरह दी जा रही है। अगर मरीज को ज्यादा दिक्कत महसूस होगी तो उसे जींद अस्पताल रैफर कर दिया जाएगा।
कोरोना नोडल अधिकारी डा. विकास गुप्ता ने बताया कि सरकार इस वायरस को लेकर अत्यंत गंभीर है। लोगों को कोरोना वैक्सिन लगाने का सिलसिला जारी है। अस्पताल में 60 साल से ऊपर के लोगो को यह वैक्सिन लगाई जा रही है। इसके अलावा ऐसे 45 वर्ष से ऊपर के लोग जो हार्ट, लीवर, किडनी शूगर के रोगी है उन्हे भी यह वैक्सिन दी जा रही है। उन्होंने बताया कि नाक लगातार बहते रहना, गले में दर्द व सूजन रहना, सिर दर्द व बुखार रहना व चक्कर आना इसके प्रमुख लक्षण हैं। उन्होंने बचाव के लिए आपस में हाथ ना मिलाए, हाथों को साबुन से बार-बार धोएं, आंख, नाक व मुंह को बार-बार ना छुएं तथा बाहरी खाने, ठंडी वस्तुओं व बासी खाने से परहेज करें। इसके अलावा मुंह व नाक पर मास्क लगाकर रखें। ज्यादा दिक्कत में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।


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