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सफीदों के बाजार खुले। सड़क मागों पर दिखा भारत बंद का जोरदार असर।

abslm 26/03/2021 Skmittal सफीदों : 

तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने किया प्रदर्शन
तीन कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को बुलाए गए भारत बंद का सड़क मार्गों पर जबरदस्त असर देखने को मिला। किसान शुक्रवार सुबह ही सड़कों पर अपने ट्रैक्टर-ट्रालियों पर आ गए और अपना विरोध जाहिर करते हुए सड़कों को जाम कर दिया। किसानों ने सफीदों के खानसर चौंक पर जाम लगाकर सफीदों-असंध- कैथल, गांव सिल्लाखेड़ी व बुढ़ाखेड़ा में सफीदों-जींद व गांव हाट में सफीदों-गोहाना मार्ग को जाम कर दिया। सिल्लाखेड़ी गांव के किसानों ने सफीदों-जींद मार्ग पर बीचोबीच पेड़ डाल दिया। सिल्लाखेड़ी, बुढ़ाखेड़ा व हाट गांव के जाम में महिलाओं को भारी भागीदारी देखने को मिली। सड़कों पर जाम की स्थिति यह थी कि केवल एम्बूलेंस वगैरह को छोड़कर किसी को भी आगे जाने नहीं दिया। 

हालात यह रही कि एसएचओ सदर संजय कुमार जींद रोड़ पर जा रहे थे कि सिल्लाखेड़ी में किसानों ने उन्हे रोक लिया। एसएचओ ने किसानों को काफी समझाने का प्रयास किए लेकिन किसानों ने उन्हे आगे नहीं जाने दिया। एसएचओ को किसी अन्य मार्ग से होकर आगे जाना पड़ा। वहीं नगर के खानसर चौंक पर एक एंबूलेंस आई तो वहां मौजूद किसानों ने उसे रास्ता देकर आगे के लिए रवाना किया। 
प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार रामपाल शर्मा को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। चारों ओर से सड़क जाम होने के कारण वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वाहन चालक अपने गंतव्य पर जाने के लिए लिंक मार्गों पर भटकते हुए दिखाई पड़े। किसानों का कहना था कि केंद्र सरकार हठधर्मिता पर उतरी हुई है। सरकार अपनी गलतियों को सुधारने की बजाए किसानों को प्रताडि़त करने का काम कर रही है। सरकार को चाहिए कि वह अहंकार का रास्ता त्यागकर किसानों की बातों को सुने और उनकी मांगों को तत्काल प्रभाव से मानते हुए तीनों काले कानूनों को निरस्त करे।

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