abslm 20/05/2021 Skmittal सफीदों :
नगर के महात्मा गांधी रोड पर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा बैंक शाखा का एक अजीब कारनामा सामने आया है। बैंक द्वारा इस बैंक के उपभोक्ता किसान को करीब 1 लाख रूपए की पेमैंट में से 10-10 रूपए के 17000 रूपए के सिक्के थमा दिए गए। उपमंडल सफीदों के गांव मलार निवासी किसान वजीर ने पत्रकारों को बताया कि उसकी फसल की पेमेंट उसके इस बैंक के खाते में आई थी। मैं 3 दिन पहले वह पेमैंट निकलवाने के लिए बैंक में आया था। बैंक के मैनेजर व कैशियर ने कहा कि उनके पास पेमेंट नहीं है और अगर उन्हे पेमैंट चाहिए तो उसे कुछ पेमैंट दस-दस रूपए के सिक्कों के रूप में लेनी होगी।
जब मैंने उनसे कहा कि मैं इन सिक्कों का क्या करूंगा। तब बैंक के अधिकारियों ने उसे आश्वासन दिया था कि वह इन सिक्कों को ले जाकर चलाने का प्रयास करें और अगर सिक्के नहीं चलते हैं तो वह बैंक में आकर वापिस जमा करवा दे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद वह सिक्कों का थैला ले गया। वजीर ने बताया कि उसने इन सिक्कों को चलाने का काफी प्रयास किया लेकिन किसी ने भी यह सिक्के नहीं पकड़े। वह वीरवार को सिक्कोंं का थैला लेकर बैंक में जमा करवाने के लिए आया तो बैंक ने सिक्के जमा करने से हाथ खड़े कर दिए। जब मैने काफी कहा तो उन्होंने कहा कि उसे हर रोज 1000 रूपए के सिक्के जमा करवाने होंगे। किसान वजीर ने कहा कि पूरे देश में कोरोना महामारी का भयंकर दौर चला हुआ है और सरकार की ओर से लॉकडाउन लगाया गया है। केवल अति आवश्यक होने पर ही गांव से शहर आना होता है। उसका गांव सफीदों से करीब 10 से 12 किलोमीटर की दूरी पर है। ऐसी स्थिति में वह 1000 रुपए के सिक्के लेकर हर रोज बैंक में कैसे आएगा और अगर वह यह कार्य करता भी है तो उसे इन 17000 रूपयों के लिए 17 दिन बैंक शाखा में आना होगा। किसान वजीर ने कहा कि उसने बैंक अधिकारियों से काफी मिन्नते की लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई और इक्ट्टठा जमा करवाने पर मोटा चार्ज काटने की बात कही गई। किसान वजीर ने प्रशासन व बैंक के उच्चाधिकारियों से उसे इंसाफ दिलवाने व दोषी बैंक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में बैंक अधिकारियों ने मीडिया से बात नहीं की।


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