ABSLM 21/05/2021डाँ सुनील कुमार परीट
आदि गुरु श्री शंकराचार्य जी की जयंती के उपलक्ष में अखिल भारतीय हिंदी महासभा नई दिल्ली के द्वारा पुस्तक लोकार्पण एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम संपन्न हुआ। महासभा के राष्ट्रीय मंत्री डॉ सुनील कुमार परीट द्वारा संपादित राष्ट्र भर से 108 रचनाकारों द्वारा रचनाओं को संकलित कर आदि गुरु शंकराचार्य जी पर राष्ट्रीय साझा काव्य संकलन का लोकार्पण जयंती के उपलक्ष में किया गया। सभी प्रतिभागी रचनाकारों को आदि गुरु शंकराचार्य काव्य सृजन सम्मान 2021 से सम्मानित किया गया।
पहले सत्र में कार्यक्रम के अध्यक्ष महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ टी.वी कट्टीमनी जी उपस्थित थे। मुख्य अतिथि महासभा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री श्री अमित रजक जी, एवं विशिष्ट अतिथि महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री श्री दीपांशु कुमार जी कार्यक्रम में उपस्थित थे। मुख्य वक्ता के रूप में श्री ललित भूषण जी ने आदि गुरु शंकराचार्य जी पर एवं पुस्तक पर चर्चा करते हुए विस्तार रूप से सभी श्रोताओं को जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में पुस्तक पर परिचर्चा हुई इसमें वृंदावन के परम पूज्य स्वामी श्री राम भूषण दास जी महाराज जी का दिव्य सानिध्य प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के अध्यक्ष श्रद्धा श्री गुरु जी गौतम ऋषि जी गौशाला अनुसंधान संस्था के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष उपस्थित थे अपनी अध्यक्षीय उद्बोधन में गौतम गुरु जी ने शंकराचार्य जी पर विस्तार रूप से आशीर्वचन देकर सभी प्रतिभागियों को एवं पुस्तक के संपादक डॉ सुनील कुमार परीट जी जी को विशेष रूप से हार्दिक बधाइयां दी। आचार्य अनमोल जी कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस दूसरे सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर शरद नारायण खरे जीने अपने भक्तों में विस्तार रूप से आदि गुरु शंकराचार्य के बारे में एवं पुस्तक के बारे में अपने विचार प्रकट किए। कार्यक्रम में उपस्थित कई रचनाकारों ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
कार्यक्रम का सुचारू एवं सुंदर ढंग से संचालन आदरणीय डॉक्टर वसुधा कामत जी ने किया। प्रयागराज से आभा मिश्रा जी से प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। रायपुर से सुश्री कुमुद लाड जी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। सभी अतिथियों का स्वागत कर्नाटक के डॉ सुनील कुमार परीट जी ने किया। कार्यक्रम का संयोजन कर्नाटक प्रांत द्वारा किया गया था। धन्यवाद ज्ञापन गुजरात के श्री धर्मेश जोशी जी ने किया। अंत में अंबाला से डॉक्टर रमणीक शर्मा जीके राष्ट्रगण से कार्यक्रम पूर्णता की ओर गया।



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