abslm 7/9/2021 एस• के• मित्तल सफीदों :
राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सफीदों में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देश का किसान 3 कृषि कानूनों के विरोध में देशभर में प्रदर्शन कर रहा है। देश की सरकार पूरी तरह से चुप बैठी है तथा किसानों से बात करने के लिए तैयार नहीं है। सरकार किसानों से बात करना तो दूर बल्कि उसे आर्थिक व शारीरिक चोटें पहुंचाई जा रही है। सरकार ने पहले तो ये काले कानून लाकर किसान को आर्थिक चोट पहुंचाई और फिर उस पर अनेको बार लाठीचार्ज करके शारीकि चोट पहुंचाने का काम किया। किसान आने वाले समय में वोट की चोट से अपने ऊपर हुए हमलों का बदला लेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि सरकार को किसानों की बात सुननी चाहिए और उसका समाधान निकालना चाहिए। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि जिस जींद जिले को यदाकदा प्रदेश की राझधानी बनाने की बात कई नेता करते है लेकिन सच्च्चाई यह है कि जिला और उसके अंतर्गत आने वाले हलके पूरी तरह से पिछड़े हुए है। यूट्यूब पर यह भी देखें सब्सक्राइब करें और अपने सभी दोस्तों को शेयर करें... सभी खबरों की अपडेट के लिए घंटी जरूर दबाएं...सरकार जींद जिला के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है। जींंद के यह हालात है कि यहां उपचुनाव के जीते मौजूदा सरकार के विधायक को यहां तक कहना पड़ रहा है कि जींद के अधिकारी उग्रवादी हैं। इसका मतलब साफ है कि इस सरकार में विधायकों की कोई सुनवाई नहीं है तथा अफसरशाही पूरी तरह से हावी है। जींद में चारों ओर समस्याएं ही समस्याएं पसरी हुई हैं। हमारे शासन के प्रोजेक्ट भी अभी तक लटके हुए हैं। चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी में ना कोई वाइस चांसलर है और ना ही कोई रजिस्ट्रार है। हुडा कांप्लेक्स में बना खेल स्टेडियम भी तक खेल विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है। रोहतक-जींद-पंजाब को जाने वाला नेशनल हाईवे अभी तक भी नहीं बना है, जिसे वर्ष 2016 तक बन जाना चाहिए था। जींद जिला पूरी तरह से भेदभाव का शिकार है। जींद ही नहीं बल्कि पूरा हरियाणा विकास के मामले में हाशिए पर है।
फोटो कैप्शन 5.: पत्रकारों से बात करते हुए सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा।


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