ABSLM 15/10/2021 एस• के• मित्तल :
कोरोना महामारी के बाद सफीदों क्षेत्र को अब डेंगू व वायरल बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया है। डेंगू मलेरिया व वायरल बुखार का कहर लोगों, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बन गया है। डेंगू के प्रकोप के कारण एक युवक की मौत हो चुकी है। मृत्तक युवक की पहचान वार्ड 13 सफीदों निवासी रविंद्र (40) के रूप में हुई है। युवक की मौत के कारण परिवार में जहां मातम पसरा हुआ है, वहीं समाज में हडकंप मचा हुआ है। गौरतलब है कि सफीदों नगर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में भी डेंगू व वायरल बुखार ने अपने पैर पसार लिए है। नागरिक अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी से लेकर निजी अस्पताल डेंगू व वायरल बुखार से पीडि़त मरीजों से अटे पड़े है। मेडीकल स्टोरों पर दवाई लेने वालों व लैबों पर टैस्टिंग करवाने वालों की भारी भीड़ जमा है। हालात ये हैं कि थोड़े से बुखार होने की स्थिति में लोगों डाक्टरों की तरफ दौड़ रहे हैं।

अगर लोकल स्तर पर आराम नहीं दिखता है तो मरीजों को बाहर बड़े-बड़े अस्पतालों में ले जाया जा रहा है। बीमारी के प्रकोप के कारण मरीजों की स्थिति एकदम गंभीर हो रही है। मृत्तक रविंद्र के साथ भी कुछ इसी प्रकार से हुआ है। रविंद्र की सोमवार को हालत कुछ खराब हुई। जब उसकी प्लेटलेटस चैक करवाई गई तो 60 हजार आई। अगले दिन चैक हुई तो वह घटकर 13 हजार रह गई। प्लेटलेटस के अत्यधिक गिरावट के कारण उसे सफीदों से करनाल के एक नीजि अस्पताल में दाखिल करवाया गया।
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बताया जाता है कि वहां उसे प्लेटलेटस भी चढ़वाए गए लेकिन तब तक स्थिति गंभीर हो चुकी थी और रविंद्र जिदंगी की जंग हार गया। रविंद्र की मौत के बाद परिवार के साथ-साथ पूरे नगर में हड़कंप है। इस मामले में नागरिक अस्पताल के डा. तुषार ने बताया कि अक्तुबर माह में बुखार के केस बढ़े हैं। पहले नागरिक अस्पताल में करीब 250 ओपीडी होती है तो बढ़कर अब लगभग 450 हो चुकी है। इनमें ज्यादातर मरीज वायरल बुखार व टाईफाईड के हैं। इनमें से करीब 12 मरीजों को बुखार के लक्षणों के साथ दाखिल किया जाता है और इनमें से एक या दो ही मरीजों को डेंगू पाया जा रहा है। डा. तुषार ने कहा कि प्लेटलेटस कम होना ही डेंगू नहीं होता। प्लेटलेटस कम होने के अन्य भी बहुत से कारण होते हैं। डेंगू को कंफर्म के लिए उसकी टैस्टींग करवानी बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि डेंगू में इंसान को तेज बुखार होता है और हड्डियों में भारी दर्द होता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि अपने घर के आसपास पानी ना इकट्ठा ना होने दें क्योंकि खड़े पानी में मच्छर का लारवा पैदा होता है और उसके काटने के डेंगू बुखार व वायरल बुखार पैदा होता है। इसके अलावा अपने घर व प्रतिष्ठान पर मच्छरनाशक का प्रयोग करे तथा फौगिंग करवाएं। मच्छर के दंश की संभावना को कम करने के लिए लंबी पैंट और पूरी बाजू की शर्ट पहनने की कोशिश करे तथा व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। वहीं लोगों ने प्रशासन से नगर में सफाई व्यवस्था को दुरूस्त करवाने व फौगिंग करवाने की मांग की है।
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फोटो कैप्शन 1.: मृत्तक रविंद्र का फाईल फोटो।
फोटो कैप्शन 2.: नागरिक अस्पताल सफीदों का बाहरी दृश्य।
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