abslm 3/12/2021 एस• के• मित्तल
सफीदों के ज्ञानी राम मेमोरियल अस्पताल के मालिक डा. केसी भट्टी की डिग्री को लेकर सिविल सर्जन जींद द्वारा डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग पंचकुला को पत्र लिखा है। वहीं इस अस्पताल के संचालक डा. केसी भट्टी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को केवल विरोधियों के द्वारा उनकी छवि बिगाडऩे का एक षडयंत्र करार दिया है।
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क्या है मामला
सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर जाखड़ ने स्वास्थ्य विभाग में इस अस्पताल और इसके संचालक डॉक्टर केसी भट्टी पर आरोप लगाते हुए लिखा की डॉक्टर की डिग्री ही फर्जी है। इस शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जब जांच की तो पाया गया कि डॉक्टर केसी भट्टी द्वारा जो डिग्री बताई गई, उस डिग्री का रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। मामले की जांच कर रहे डॉक्टर पाले राम ने अपनी रिपोर्ट में सिविल सर्जन जींद को बताया कि डॉक्टर केसी भट्टी इलाज करने की योग्यता ही नहीं रखता। डॉक्टर पाले राम की रिपोर्ट के आधार पर सिविल सर्जन ने हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है। वहीं इस मामले में शिकायतकर्ता सुधीर जाखड़ ने बताया कि उसे जानकारी मिली थी कि डॉक्टर केसी भट्टी के अलावा सफीदों में कई ऐसे डॉक्टर हैं जो कि फर्जी डिग्री के सहारे लोगों का इलाज कर रहे हैं। डा. केसी भट्टी अपने आपको बीएएमएस बताते हैं लेकिन जांच में पता चला है कि केसी भट्टी के नाम से पूरे हरियाणा में कोई भी बीएएमएस डॉक्टर नहीं है। सुधिर जाखड़ ने कहा कि वह जल्दी ही जींद पुलिस अधीक्षक से भी मिलेंगे और डाक्टर व अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। सुधीर जाखड़ ने बताया कि कोविड-19 के दौरान इस अस्पताल को कोविड सेंटर बनाया गया था। इस दौरान काफी लोगों की इलाज के दौरान मौत हुई थी और इन लोगों से इलाज के नाम पर मोटी राशि भी वसूल की गई।
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क्या कहते हैं डा. केसी भट्टी
इस मामले में डा. केसी भट्टी का कहना है कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप केवल उनकी छवि बिगाडऩे का एक षडयंत्र है। यह जांच हरियाणा मेडिकल काउंसिल (एचएमसी) ने की है। उनकी बीएएमएस डॉक्टरी का रजिस्ट्रेशन सेंट्रल काउंसिल आफ इंडियन मेडिसिन (सीसीआईएम) से रजिस्टर्ड है लेकिन हरियाणा मेडिकल काउंसिल (एचएमसी) से रजिस्ट्रेशन नहीं है। उन्होंने एनओसी के लिए सीसीआईएम में आवेदन किया हुआ है और वहां से एनओसी आते ही एचएमसी में रजिस्ट्रेशन करवाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जबसे उनके पास स्वास्थ्य विभाग का लेटर आया है तब से वे अस्पताल में प्रैक्टिस नहीं कर रहे, केवल मैनेजमेंट का कार्य देख रहे हैं। जब उन्हें हरियाणा मेडिकल काउंसिल (एचएमसी) से एनओसी प्राप्त हो जाएगी तो ही वे प्रैक्टिस करेंगे।
फोटो कैप्शन 3.: पत्रकारों को संबोधित करते हुए डा. केसी भट्टी।


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