बैंकों की हड़ताल से जनता हुई परेशान व्यापारियों ने बैंकों को पानी पी-पीकर कोसा

ABSLM 29/03/2022 एस• के• मित्तल       


सफीदों, ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज यूनियन के आह्वान पर नगर के बैंक कर्मचारी मंगलवार को भी हड़ताल पर रहे। भारतीय स्टेट बैंक को छोड़कर अन्य सभी बैंकों के बाहर ताले लटकते दिखे। कर्मचारियों की मांग थी कि सार्वजनिक बैंकों व उपक्रमों का निजीकरण बंद किया जाए, न्यू पेंशन स्कीम को रद्द करके पुरानी पेंशन स्कीम को प्रभावी की जाए, बैंकों के खाली पदों को भरकर बैकिंग व्यवस्था को मजबूत किया जाए, एनपीएस में मूलधन में की जा रही कटौती पर रोक लगाई जाए। 2 दिन बैंक बंद होने के कारण बैंक उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार चार दिन बैंक बंद रहने के कारण आरटीजीएस, एनईएफटी सहित नगद जमा या निकासी का काम पूरी तरह से बंद रहा। बैंकों में चेक क्लियरेंस का काम भी बाधित रहने से लोगों को काफी परेशानी हुई। बैंक हड़ताल के कारण व्यापारियों को काफी परेशानी हुई तथा व्यापारी वर्ग बैंकों के प्रबंधन को पानी पी-पीकर कोसते नजर आए। गौरतलब है कि व्यापारियों को वित्तिय वर्ष 31 मार्च की कलोजिंग पर बैंक में काफी लेनदेन करना होता है। 



व्यापारियों को आरटीजीएस व एनईएफटी के माध्यम से अनेक वित्तिय लेनदेन करना था लेकिन उनका कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो गया। जिन उपभोक्ताओं को बैंक हड़ताल का पता नहीं था वे बैंक पहुंचे तो वहां पर ताले लटके हुए नजर आए और वे निराश होकर अपने घरों को लौट गए।

फोटो कैप्शन 7,8,9,10 व 11.: सफीदों के अनेक बैंकों के बंद का दृश्य।

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