AABSLM

हमारी साइट में अपने समाचार सबमिट के लिए संपर्क करें

मातृशक्ति घरों में शुरू करें संस्कारों की पाठशाला: अरविंद शर्मा प्राचीन श्रीराम मंदिर में सामुहिक सुंदरकांड का पाठ आयोजित

abslm 31/03/2022 एस• के• मित्तल           


सफीदों,       विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, दुर्गावाहिनी, मातृशक्ति एवं वरिष्ठ नागरिक मित्र मंडल के संयुक्त तत्वाधान में सफीदों शहर स्थित होली मोहल्ला स्थित प्राचीन श्रीराम मंदिर प्रांगण में सामूहिक सुंदरकांड का पाठ आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन की अध्यक्षता विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष अरविंद शर्मा ने की। विहिप के नगर अध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद जयदेव माटा व वरिष्ठ नागरिक मित्र मंडल के अध्यक्ष यशपाल सूरी ने श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। प्रेमचंद तनेजा, बिशनदत्त जांगड़ा, रामकरण कश्यप, मुकेश वर्मा व शिवानी शर्मा ने संगीतमय श्री सुंदरकांड का पाठ किया। अपने संबोधन में विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष अरविंद शर्मा ने कहा कि आगामी जून माह में विद्यालयों में ग्रीष्मावकाश के दौरान विहिप प्रांत के विभिन्न स्थानों पर बजरंग दल, दुर्गावाहिनी एवं मातृशक्ति के क्षेत्रिय साप्ताहिक शौर्य प्रशिक्षण वर्ग आयोजित करेगा। इन शिविरों में युद्ध कौशल आत्म सुरक्षा व आत्मिक विकास से संबंधित आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा पुरुषों के लिए भी इस प्रकार के आयोजन किए जाएंगे। 
यह भी देखें:-


अग्नि शमनसेवा व नगरपालिका कर्मचारी संघ के राष्ट्रव्यापी हड़ताल का दूसरे दिन प्रदर्शन पर देखें लाइव… 
उन्होंने उपस्थित महिलाओं से कहा कि मातृशक्ति आंगनवाड़ी केंद्रों की तर्ज पर संगठन से जुड़ी दुर्गावाहिनी की सदस्यों के साथ मिलकर संस्कारशालाएं अपने मोहल्ले, वार्ड, गांव व शहर में जगह-जगह पर चलाएं। बच्चों को अक्षर व संख्या ज्ञान के साथ सनातन संस्कृति से परिचित करवाएं। सेवा बस्तियों में चलने वाले यह केंद्र समरस समाज की नींव रखेंगे। इस मौके पर जयदेव माटा, यशपाल माटा, डा. हरेंद्र रोहिल्ला, प्रमोद गौतम, बृजभूषण गर्ग, सत्यदेव चौबे, नानक खन्ना, ओमप्रकाश जून, अनिल कुश, दर्शना गौतम, किरण शर्मा, अनीता अधलखा, हेमलता क्वात्रा, बबीता शर्मा, नीलम गौतम, अश्वनी शर्मा, पूनम गर्ग, अनीता शर्मा, सुनीता, रितु अदलखा, शिवानी शर्मा, संतोष शर्मा, प्रेमचंद तनेजा, बिशनदत्त जांगड़ा, रामकरण कश्यप, मुकेश वर्मा व शिवानी शर्मा मौजूद थीं।

फोटो कैप्शन 2.: सत्संग करते हुए श्रद्धालुगण।

निवेदन :- अगर आपको लगता है की ये लेख किसी के लिए उपयोगी हो सकता है तो आप निसंकोच इसे अपने मित्रो को प्रेषित कर सकते है