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हरियाणा गौसेवा आयोग के चेयरमैन ने ली लोक निर्माण विश्राम गृह में अधिकारियों व गऊशालाओं के प्रतिनिधियों की बैठक


प्रदेशभर में गौवंशों के सवंर्धन व संरक्षण हेतू सरकार ने भिजवाई 45 करोड़ रूपए की राशि

सड़क पर आवारा घुमने वाले गौवंश को गौशालाओं में भेजा जाएगा : चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग

0abslm 30/9/2022 एस• के• मित्तल      



जींद,         हरियाणा गौसेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा इस वर्ष प्रदेश की गऊशालाओं में गौवंशों के संवर्धन व संरक्षण के लिए 45 करोड़ रुपये की राशि भिजवाई गई है। गौसेवा आयोग द्वारा गौवंश के कल्याणार्थ निरंतर कार्य किया जा रहा है। इससे पहले प्रदेश में यह व्यवस्था नहीं थी। हरियाणा गौसेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग लोक निर्माण विश्राम गृह में अधिकारियों व गऊशालाओं के प्रतिनिधियों की बैठक को सम्बोन्धित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों गौवंश में लम्पी बीमारी फैली। इस बीमारी को रोकने के लिए तुरंत प्रदेश के 19 लाख गौवंशों हेतू 20 लाख वैक्सीनेशन की व्यवस्था की गई और पशुपालन विभाग तथा गौ सेवकों की मदद से सात दिनों में सभी गौवंशो का टीकाकरण किया गया, जिससे
हरियाणा में इस बीमारी पर काबू पाया गया। हरियाणा में इस बीमारी से गौवंश की मृत्यु का प्रतिशत कुल 2 प्रतिशत रहा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा गौवंश के लिए अनेकों कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश में गौसेवा आयोग का गठन किया गया है। आयोग द्वारा गोबर को डीएपी खाद के विकल्प के रूप में इस्तेमाल करने हेतू कार्य किया जा रहा है, जिसके लिए लैब टैस्टिंग का कार्य पूरा हो चुका है। अब इसे क्षेत्र में भेजा जाएगा। इस व्यवस्था के पूरा होने से किसानों को डीएपी खाद के विकल्प के रूप में एक अच्छी खाद मुहैया होगी। इसके साथ-साथ गोबर के इस्तेमाल से पेंट, मूर्तियां, गौमूत्र से दवाईया इत्यादि बनाने का कार्य किया जा रहा है। बैठक के दौरान चेयरमैन ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सरकार द्वारा गऊशाला के लिए 2 रुपये प्रति यूनिट बिजली का रेट फिक्स किया गया है। इससे अधिक के रेट का बिल गऊशाला में नहीं जाना चाहिए। जिस दिन से इस बारे में अधिसूचना जारी हुई है, उसी दिन के हिसाब से गऊशालाओं के बिल ठीक होने चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर आवारा घुमने वाले गौवंश को गौशालाओं में भेजने का काम करें ताकि होने वाली संभावित दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गऊशालाओं में सैड, खौर व मिट्टी इत्यादि का कार्य डी- प्लान व मनरेगा के तहत करवाना सुनिश्चित करें।

उन्होंने गऊशाला संचालकों से भी आह्वान किया कि जिला में ग्राम स्तर पर कमेटियां बनाकर ग्रामीण आंचल में ही गौंवंश को रखने की व्यवस्था पर काम करें। जिला में 36 पंजीकृत तथा 5 अन्य गऊशालाएं हैं। ग्राम स्तर पर अगर गौवंश के रहने का इंतजाम हो जाएगा, तब सड़कों पर गौ वंश नजर नहीं आएगा। इस मौके पर गऊशाला संचालकों ने लम्पी बीमारी के दौरान जिला प्रशासन द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की और निरंतर सकारात्मक सहयोग के लिए आभार प्रकट किया। बैठक के बाद हरियाणा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग ने सोमनाथ गऊशाला का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर नगराधीश अमित कुमार, नगरपरिषद चेयरमैन के प्रतिनिधि डॉ. राज सैनी, भाजपा नेता सज्जन गर्ग, ओमप्रकाश, गौ सेवा आयोग के सदस्य आदित्य गर्ग, उपाध्यक्ष महेष, पार्षद सिया राम, भीम सिंह मास्टर व  गउशालाओं के संचालक भी उपस्थित रहे।

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