ABSLM 25/2/2023 एस• के• मित्तल
सफीदों, शुक्रवार को संघशास्ता गुरुदेव सुदर्शन लाल जी महाराज के सुशिष्य एवं युवा प्रेरक अरूण मुनि जी महाराज की प्ररेणा और कृपा से सफीदों अनाज मंडी पूरी तरह से अरूणमय हो गई। सैंकड़ों श्रद्धालुओं की धर्मसभा को मुनि अरूण के श्रीमुख से जीणवाणी सुनने का पावन मौका मिला। ठाठे मारती धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि अरूण ने कहा कि प्रत्येक आत्मा में परमात्मा को देखने वाले महापुरुष ही धर्मस्वरूप को समझते हैं और वे ही अहिंसा की आराधना कर सकते हैं। अहिंसा एक सनातन तत्व है। हमारा देश धर्मप्रधान होने के कारण ही एक महान देश कहलाता है। अहिंसा, संयम, तप रूप मंगलमय धर्मदीप का प्रकाश यदि विश्व को आलोकित कर दे, तो निश्चय ही धरा से अज्ञान का तमस समाप्त हो सकता है। अहिंसा एक शाश्वत तत्व है और भारतीय संस्कृति की मुख्य पहचान है। अहिंसा सभी को अभय प्रदान करती है। वह सृजनात्मक है और समृद्धता से युक्त है। आज का सभ्य संसार वातावरण में घुटन और अस्वस्थता का अनुभव कर रहा है। एक ओर कहीं विध्वंसक भौतिकता व्याप्त है। दूसरी ओर स्वार्थपरक भावनाओं से वह विषाक्त हो रहा है।
फोटो कैप्शन 24एसएफडीएम4.: अनाज मंडी में आयोजित धर्मसभा में उपस्थित श्रद्धालुगण।
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