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9 साल बाद भी नहीं हुआ मंत्रीमंडल का फैसला लागू, आंदोलन ही एकमात्र रास्ता : नागोकी

abslm 27/6/2023 

सिरसा, 26 जून : सर्व कर्मचारी संघ से संबंद्ध हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन की ओर से प्रांतीय उपाध्यक्ष बलबीर कुम्हारिया, जिला प्रधान त्रिलोक चंद नागोकी, सचिव अमरजीत बराड़ ने सुयक्त रूप से कहा कि वेतनमान बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर पूर्व वित्त मंत्री हरमोहिंद्र सिंह च_ा के कुरूक्षेत्र निवास पर मिनिस्ट्रीयल स्टाफ ने लगातार 477 दिनों तक आंदोलन किया था। भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए जहां वेतनमान बढ़ोत्तरी की मांग को विधानसभा में उठाया, वही भाजपा नेता धरना पर आकर मिनिस्ट्रीयल स्टाफ के वेतन पंजाब के समान किए जाने की वकालत किया करते थे। यही नहीं भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में भी पंजाब के समान वेतनमान देने का वायदा किया था, परन्तु सरकार बनते ही भाजपा अपने वायदे से मुकर गई। वही पूर्व की सरकार के 25 अगस्त 2014 के मंत्रीमंडल के फैसले पर रोक लगा दी गई है। जिसमें एक नवंबर 2014 से वेतनमान में बढ़ोत्तरी की जानी थी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पिछले 9 साल से मिनिस्ट्रीयल स्टाफ के साथ खिलवाड़ कर रही है। कभी समीक्षा के नाम पर तो कभी बैठकों के नाम पर 35400 की मांग को जान-बूझकर लटकाया जा रहा है। आंदोलन के दबाव में सरकार बैठक का समय निश्चित कर देती है, परन्तु बैठक या तो होती ही नहीं या फिर कोरे आश्वासन दिए जाते है। मिनिस्ट्रीयल स्टाफ के बढ़ते रोष से घबराकर भाजपा कर्मियों की एकता को तोडऩे का काम कर रही है। हेमसा सरकार की इस फूट डालने की नीति को किसी भी सूरत में सफल नहीं होने देंगी। नौकरी में आने से पहले लिपिक को टैस्ट पास करना, वार्षिक वेतनवृद्धि व नौकरी में बने रहने के लिए टैस्ट तथा अब प्रमोशन के लिए भी टैस्ट की शर्त थौंप दी है। जिम्मेवारी व जवाबदेही का काम बढ़ते वर्कलोड व तीन टेस्ट पास करने के बाद भी मात्र 19 हजार 900 रूपये मासिक वेतन मिलता है। जनवरी 2006 के बाद पुरानी पेंशन भी छीन ली गई। जबकि विधायक, मंत्री, सांसद एक बार शपथ लेते ही आजीवन पेंशन के हकदार बन जाते है। इसीलिए वेतनमान की मांग को लागू करवाने के साथ-साथ ही अन्य मांगों के लिए व्यापक एकता के साथ निरंतर संघर्ष की ओर बढ़ा जाएगा। कर्मचारी नेताओं ने दो टूक कहा कि अगर वेतनमान बढ़ोत्तरी व पुरानी पेंशन की मांग को अनदेखी किया गया तो चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

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