स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री गुलाम नबी आजाद ने आज यहां वर्ष 2009 और 2010 के लिए 50 चिकित्सा वैज्ञानिकों को संचारी और गैर-संचारी रोगों, मातृत्व और बाल स्वास्थ्य तथा अन्य चिकित्सकीय और जैव-चिकित्सकीय क्षेत्र में शानदार चिकित्सा कार्य के संबंध में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) पुरस्कार प्रदान किए। इसी वर्ष 2007 के लिए जालमा ट्रस्ट फंड ओरेशन पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
पुरस्कृत वैज्ञानिकों में नौ वैज्ञानिक पीजीआई, चंडीगढ़, सात आईसीएमआर संस्थानों, पांच अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, तीन-तीन वैज्ञानिक रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन तथा किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ, दो-दो वैज्ञानिक निमहांस, बैंगलुरू, सीएसआईआर और श्री चित्र थिरूनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस, तिरूवनंतपुरम के हैं। शेष 18 वैज्ञानिक अन्य संस्थानों से संबंधित हैं।
समारोह में श्री आजाद ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पुरस्कृत वैज्ञानिकों में अच्छी खासी संख्या महिला वैज्ञानिकों की है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत के पास बेहतरीन मानव संसाधन उपलब्ध है।
मंत्री महोदय ने कहा कि स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग ने संरचना और मानव संसाधन के क्षेत्र में अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए कई अभिनव योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने बताया कि विभाग ने इस वर्ष तीन नई योजनाएं शुरू की हैं, जिनके तहत मौजूदा साल में 35 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बहु-विषयी अनुसंधान इकाईयां स्थापित की जाएंगी। इनमें से 21 इकाईयों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों के दौरान वायरल रोगों और तपेदिक के संबंध में 16 नई जैव-सुरक्षा प्रयोगशालाएं खोली गई हैं। अब भारत में इस तरह की 20 प्रयोगशालाएं हो गई हैं।
श्री आजाद ने बताया कि सरकार कैंसर और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने 20 नये राज्य कैंसर संस्थानों, 23 नये तृतीयक कैंसर केन्द्रों की स्थापना और मौजूदा 27 क्षेत्रीय कैंसर सेवा केन्द्रों की क्षमता बढ़ाने के लिए धनराशि स्वीकृत की है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री ए. एच. खान चौधरी ने अनुसंधान के क्षेत्र में शानदार काम करने के लिए पुरस्कृत वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि चिकित्सा क्षेत्र में चलने वाले कार्यक्रमों से अनुसंधान के क्षेत्र में भारत के चिकित्सा वैज्ञानिक और शिक्षक विश्वस्तर पर सक्षम बनेंगे।
समारोह में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव श्री देसिराजू, आयुष के सचिव श्री नीलांजन सान्याल, आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. वी. एम. कटोच, स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक श्री जगदीश प्रसाद और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आला अधिकारी भी उपस्थित थे।

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