राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने आज बीजापुर के सैनिक स्कूल में आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लिया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपतिने कहा कियदिभारत को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में शामिल होना है तो इसे अपनी शिक्षा की नींव को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने नागरिक मूल्यों से होने वाले भटकाव पर चिंता जाहिर की, जिसे समाज में अक्सर देखा जा सकता है। उन्होंने विद्यालय के अधिकारियों का आह्वान किया किवे अनुशासन, संवेदना, सहनशीलता, दूसरों की राय का सम्मान, उनके अधिकारों का सम्मान और राष्ट्र के प्रतिकर्तव्य की उच्च भावना जैसे महत्वपूर्ण नागरिक मूल्यों को युवाओं और महिलाओं में अंतर्निविष्ट करना चाहिए।
राष्ट्रपतिने कहा किसैनिक विद्यालय दूरदृष्टियोजना और पूर्व रक्षा मंत्रियों श्री वी के के मेनन, श्री वाई बी चव्हाण, कर्नाटक के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री एस निजालिंगप्पा और तत्कालीन केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री के एल श्रीमाली जैसे नेतृत्व का परिणाम हैं। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान नागरिक अधिकारियों की मदद और आवश्यकता के अनुसार कानून एवं व्यवस्था को बनाने में सहायता प्रदान करने के लिए राष्ट्रपतिने देश की सीमाओं पर मुस्तैदी के साथ तैनात भारतीय सेना के बहादुर सैनिक और अधिकारियों को अपनी शुभकामनाएं दीं।
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