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रेल मंत्री ने हाई स्पीड रेल कारपोरेशन ऑफ इंडिया लि.(एचएसआरसी) को लाँच किया



एचएसआरसी भारत में हाई स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करेगी”तेज गति रेलयात्राः कम लागत का समाधान” विषय पर दो दिवसीय तकनीक
रेल मंत्री श्री मलिकार्जुन खड़गे ने आज नई दिल्ली में ”तेज गति रेलयात्राः कम लागत का समाधान” विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय तकनीकी सम्मेलन का उदघाटन किया। रेल मंत्री ने इस मौके पर कहा कि भारत का मुख्य जोर सुरक्षित, विश्वसनीय और वहन करने योग्य यातायात उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि विश्व का सबसे बड़ा यात्री रेल होने के कारण लोगों की यह उम्मीद स्वभाविक है कि भारतीय रेल लोगों को हाईस्पीड (तेज गति) रेलयात्रा उपलब्ध कराये।

श्री खड़गे ने कहा कि अधिकतर देश 250 से 300 किलोमीटर प्रतिधंटा की गति से चलने वाली रेल गाड़ी को तेज गति क्षमता वाले मानते हैं। इसके लिए समर्पित ट्रैक और उसका बाड़ से घिराव आवश्यक होता है और इसमें लागत भी अधिक आती है। हमारे देश में ट्रैक के पास बाड़ लागाने से जुड़ी अन्य समस्याएं हैं। इसलिए रोलिंग स्टॉक तकनीकी से अभी बीछे ट्रैक पर 160 से 200 किलोमीटर प्रतिधंटा की रफ्तार से तेज गति की गाड़ियां चलाने की तात्कालीक आवश्यकता कम लागत में पूरी हो सकती है। 200 किलोमीटर प्रतिधंटा की रफ्तार से ऊपर के लिए अलग ट्रैक बीछाना होगा और उसके इर्द-गिर्द बाड़ लागाना होगा। इस काम में समय की अधिकता व लागत के बोझ से बचा नहीं जा सकता। रेल मंत्री ने कहा कि इसलिए इस सम्मेलन का मुख्य जोर 160 से 200 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से तेजगति की रेलगाड़ियां चलाने पर विचार करना है।

रेल मंत्री ने औपचारिक रुप से हाई स्पीड रेल कारपोरेशन ऑफ इंडिया लि. (एचएसआरसी) को लाँच किया। यह रेल विकास निगम लि. की सहायक कंपनी होगी। रेल मंत्री ने एचएसआरसी का लोगो भी जारी किया। इसकी डिजाइनिंग नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद ने की है।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए रेल बोर्ड के अध्यक्ष श्री अरुणेन्द्र कुमार ने कहा कि भारतीय रेल ने तेज गति रेल के लिए सात गलियारे बनाने के वास्ते संभावना अध्ययन शुरु किया है। उन्होंने बताया की मुंबई-अहमदाबाद मार्ग के लिए प्रारम्भिक अध्ययन कराया जाएगा जिसपर अनुमानतः 65,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए भारतीय रेल और आरआईटीईएस के समर्थन से इस्टीट्यूट ऑफ रौलिंग स्टॉक इंजीनियर्स (आईआरएसई) यह अंतर्राष्ट्रीय तकनीकी सम्मेलन का आयोजन किया है।

इस अवसर पर एचएसआरसी के अध्यक्ष और आरवीएनएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री सतीश अग्निहोत्री ने कहा कि एचएसआरसी का गठन भारत में हाई स्पीड रेल कॉरि़डोर विकसित करने के लिए किया गया है। सम्मेलन में देश-विदेश के नीति निर्माता, वरिष्ट प्रशासनिक अधिकारी रौलिंग स्टॉक निर्माता, अनुसंधान संस्थान, सलाहकार तथा उद्योग से जुड़े पेशेवर लोग भाग ले रहे हैं।

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